✪ Dialogue with people from rural Tamil Nadu!
✪ Industrial area of Tuticorin
✪ Finally, a puncture after 1100+ kms!
✪ Lapse in awareness!
✪ Solo cyclist is never alone!
✪ Support and help from local people
✪ Interactions with Nithyanandanji and Shaktiveerji
Hello. Morning of 23rd January! Yesterday I had informed the hotel persons that I would leave early morning. I got down and started loading my luggage by 6:45 am. It is still to be decided where I would stay tonight. Tiruchendur of the morning! Still it is very windy! I pedaled to the road. The head wind is so strong today also! Yesterday I had seen many factories near Tiruchendur. Today I will cross through Tuticorin industrial belt. Once I left the town and reached the highway, I saw large chimneys and industrial shops. Tuticorin is called Thoothukudi in Tamil! Before the town, there was a vast highway junction. One highway is going directly towards the port.
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Wednesday, May 27, 2026
South India cycle expedition 12: Tiruchendur to Sayalkudi 104 kms
Wednesday, April 20, 2016
दोस्ती साईकिल से २७: २०१५ की लदाख़ साईकिल यात्रा पर दृष्टिक्षेप. . .
दोस्ती साईकिल से १: पहला अर्धशतक
दोस्ती साईकिल से २: पहला शतक
दोस्ती साईकिल से ३: नदी के साथ साईकिल सफर
दोस्ती साईकिल से ४: दूरियाँ नज़दिकीयाँ बन गईं. . .
दोस्ती साईकिल से ५: सिंहगढ़ राउंड १. . .
दोस्ती साईकिल से ६: ऊँचे नीचे रास्ते और मन्ज़िल तेरी दूर. . .
दोस्ती साईकिल से ७: शहर में साईकिलिंग. . .
दोस्ती साईकिल से ८: सिंहगढ़ राउंड २!
दोस्ती साईकिल से ९: दूसरा शतक. . .
दोस्ती साईकिल से १०: एक चमत्कारिक राईड- नर्वस नाइंटी!
दोस्ती साईकिल से ११: नई सड़कों पर साईकिल यात्रा!
दोस्ती साईकिल से १२: तिसरा शतक- जीएमआरटी राईड
दोस्ती साईकिल से १३: ग्रामीण सड़कों पर साईकिल राईड
दोस्ती साईकिल से: १४ "नई साईकिल" से नई शुरुआत
दोस्ती साईकिल से: १५: औंढा नागनाथ के साथ चौथा शतक
दोस्ती साईकिल से: १६: पाँचवा शतक- लोअर दुधना डैम
दोस्ती साईकिल से: १७: एक ड्रीम माउंटेन राईड- साक्री से नन्दुरबार
दोस्ती साईकिल से: १८: तोरणमाळ हिल स्टेशन पर साईकिल ट्रेक!
दोस्ती साईकिल से: १९: हौसला बढ़ानेवाली राईडस!
दोस्ती साईकिल से: २०: इंज्युरी के बाद की राईडस
दोस्ती साईकिल से: २१: चढाई पर साईकिल चलाने का आनन्द
दोस्ती साईकिल से: २२: सिंहगढ़ राउंड ३ सिंहगढ़ पर फतह!
दोस्ती साईकिल से: २३: नई हैं मन्जिलें. . नए है रास्ते नया नया सफर है तेरे वास्ते. . .
दोस्ती साईकिल से: २४: अप्रैल की गरमी में १४८ किलोमीटर
दोस्ती साईकिल से: २५: आँठवा शतक
दोस्ती साईकिल से: २६: २०१५ की लदाख़ साईकिल यात्रा की तैयारी
२०१५ की लदाख़ साईकिल यात्रा पर दृष्टिक्षेप. . .
लदाख़ की साईकिल यात्रा! एक सपना सच होने जा रहा था| २६ मई को महाराष्ट्र से निकला था| मनाली- लेह रोड़ खुलने में काफी देर होने के कारण करगिल से जाना पड़ा| करगिल में साईकिलिंग शुरू करते समय मन में आशंकाओं का तुफान जैसे था| शंकाओं से मन लगभग तितर- बितर हुआ था| लेकिन साईकिल उठायी और चल पड़ा| साथ देने के लिए तो स्वर्णिम नजारे थे ही|
धीरे धीरे आगे बढ़ता गया| बाद में अच्छी साईकिल चलायी और लेह भी पहुँच गया| लेकिन उसके बाद आगे नही जा सका| रास्ते खुले नही थे और मौसम भी अनुकूल नही था| माईनस में तपमान लदाख़ की गर्मियों के लिहाज़ से अप्रत्याशित था| और तीन दिन साईकिल चलाने के बाद जैसे मानसिक थकान हो गई| इसलिए और आगे नही जा पाया| लेकिन फिर भी, अगर जाने के पहले मुझे किसी ज्योतिषी ने बताया होता की, तुम लदाख़ में चार अर्धशतक करोगे और तीसरे ही दिन करगिल से लेह पहुँच जाओगे, तो मै उसे लाटरी जैसा ही मानता| आईए, एक नज़र डालते हैं उन चार अर्धशतकों पर|



Friday, April 8, 2016
दोस्ती साईकिल से २६: २०१५ की लदाख़ साईकिल यात्रा की तैयारी
दोस्ती साईकिल से १: पहला अर्धशतक
दोस्ती साईकिल से २: पहला शतक
दोस्ती साईकिल से ३: नदी के साथ साईकिल सफर
दोस्ती साईकिल से ४: दूरियाँ नज़दिकीयाँ बन गईं. . .
दोस्ती साईकिल से ५: सिंहगढ़ राउंड १. . .
दोस्ती साईकिल से ६: ऊँचे नीचे रास्ते और मन्ज़िल तेरी दूर. . .
दोस्ती साईकिल से ७: शहर में साईकिलिंग. . .
दोस्ती साईकिल से ८: सिंहगढ़ राउंड २!
दोस्ती साईकिल से ९: दूसरा शतक. . .
दोस्ती साईकिल से १०: एक चमत्कारिक राईड- नर्वस नाइंटी!
दोस्ती साईकिल से ११: नई सड़कों पर साईकिल यात्रा!
दोस्ती साईकिल से १२: तिसरा शतक- जीएमआरटी राईड
दोस्ती साईकिल से १३: ग्रामीण सड़कों पर साईकिल राईड
दोस्ती साईकिल से: १४ "नई साईकिल" से नई शुरुआत
दोस्ती साईकिल से: १५: औंढा नागनाथ के साथ चौथा शतक
दोस्ती साईकिल से: १६: पाँचवा शतक- लोअर दुधना डैम
दोस्ती साईकिल से: १७: एक ड्रीम माउंटेन राईड- साक्री से नन्दुरबार
दोस्ती साईकिल से: १८: तोरणमाळ हिल स्टेशन पर साईकिल ट्रेक!
दोस्ती साईकिल से: १९: हौसला बढ़ानेवाली राईडस!
दोस्ती साईकिल से: २०: इंज्युरी के बाद की राईडस
दोस्ती साईकिल से: २१: चढाई पर साईकिल चलाने का आनन्द
दोस्ती साईकिल से: २२: सिंहगढ़ राउंड ३ सिंहगढ़ पर फतह!
दोस्ती साईकिल से: २३: नई हैं मन्जिलें. . नए है रास्ते नया नया सफर है तेरे वास्ते. . .
दोस्ती साईकिल से: २४: अप्रैल की गरमी में १४८ किलोमीटर
दोस्ती साईकिल से: २५: आँठवा शतक
२०१५ की लदाख़ साईकिल यात्रा की तैयारी
१९ अप्रैल को शतक करने के बाद अगले दिन नान्देड शहर के एक साईकिलिस्ट के पास गया| वे रेस की साईकिल दौडाते हैं| उन्होने साईकिल रिपेअरिंग पर बहुत जानकारी दी, फिटनेस और आहार के बारे में भी बताया| उनके पास जाने के लिए भी कुछ दूरी साईकिल पर गया| साईकिल बस पर रखने का भी अभ्यास किया! साईकिल का रिपेअरिंग सीखना वैसे तो बहुत बड़ी बात है| अभी मै पंक्चर भी ठीक नही निकाल पा रहा हूँ| हर रोज साईकिल की ट्युब निकाल कर पंक्चर चेक करने का अभ्यास शुरू किया है| धीरे धीरे प्रगति हो रही है| एलेन की खरीदी जो साईकिल के लगभग हर हिस्से को खोल सकती हैं! अब साईकिल पूरी डिसमेंटल कर सकता हूँ| हालाकि कभी कभी उसे फिर से बन्द करने में कठिनाई होती है! बाद में पता चला कि फोर्क को खोलना नही चाहिए| वैसे सिर्फ टायर्स और सीट अलग करने के बाद भी साईकिल बिल्कुल अलग दिखती है| खैर|
छोटी राईडस जारी रही| लदाख़ के लिए निकलने के लिए सिर्फ एक महिना बचा है| मन में बहुत उत्सुकता और थोड़ा तनाव भी है| यहाँ कितनी भी तैयारी कर लूँ, लेकिन क्या २५००- ३०००- ५००० मीटर से अधिक ऊँचाई पर मै साईकिल चला पाऊँगा? और लदाख़ के पहले एक ५-६ दिन लगातार साईकिल चलाने की राईड भी नही कर पा रहा हूँ| इसलिए तनाव बहुत अधिक है| लेकिन उतना मज़ा भी आ रहा है| साईकिल चलाना और उसके तकनिकी पहलू सीखना जारी रहा| धीरे धीरे पंक्चर भी आ रहा है|


Monday, April 4, 2016
दोस्ती साईकिल से २५: आँठवा शतक
दोस्ती साईकिल से १: पहला अर्धशतक
दोस्ती साईकिल से २: पहला शतक
दोस्ती साईकिल से ३: नदी के साथ साईकिल सफर
दोस्ती साईकिल से ४: दूरियाँ नज़दिकीयाँ बन गईं. . .
दोस्ती साईकिल से ५: सिंहगढ़ राउंड १. . .
दोस्ती साईकिल से ६: ऊँचे नीचे रास्ते और मन्ज़िल तेरी दूर. . .
दोस्ती साईकिल से ७: शहर में साईकिलिंग. . .
दोस्ती साईकिल से ८: सिंहगढ़ राउंड २!
दोस्ती साईकिल से ९: दूसरा शतक. . .
दोस्ती साईकिल से १०: एक चमत्कारिक राईड- नर्वस नाइंटी!
दोस्ती साईकिल से ११: नई सड़कों पर साईकिल यात्रा!
दोस्ती साईकिल से १२: तिसरा शतक- जीएमआरटी राईड
दोस्ती साईकिल से १३: ग्रामीण सड़कों पर साईकिल राईड
दोस्ती साईकिल से: १४ "नई साईकिल" से नई शुरुआत
दोस्ती साईकिल से: १५: औंढा नागनाथ के साथ चौथा शतक
दोस्ती साईकिल से: १६: पाँचवा शतक- लोअर दुधना डैम
दोस्ती साईकिल से: १७: एक ड्रीम माउंटेन राईड- साक्री से नन्दुरबार
दोस्ती साईकिल से: १८: तोरणमाळ हिल स्टेशन पर साईकिल ट्रेक!
दोस्ती साईकिल से: १९: हौसला बढ़ानेवाली राईडस!
दोस्ती साईकिल से: २०: इंज्युरी के बाद की राईडस
दोस्ती साईकिल से: २१: चढाई पर साईकिल चलाने का आनन्द
दोस्ती साईकिल से: २२: सिंहगढ़ राउंड ३ सिंहगढ़ पर फतह!
दोस्ती साईकिल से: २३: नई हैं मन्जिलें. . नए है रास्ते नया नया सफर है तेरे वास्ते. . .
दोस्ती साईकिल से: २४: अप्रैल की गरमी में १४८ किलोमीटर
आँठवा शतक
११ अप्रैल २०१५ को १४८ किलोमीटर साईकिल चलायी और उसके बाद लिफ्ट ले कर औरंगाबाद पहुँच गया| वैसे यहाँ से और आगे साईकिल पर जाने का विचार था| पर कल की थकान के बाद वह छोडना पड़ा| अगले दिन जल्दी उठ कर औरंगाबाद के पास के हिल्स पर जाने की इच्छा थी| पर सुबह जल्दी न उठने के कारण वह नही हो पाया| बड़े लक्ष्य का पीछा करते समय ऐसी छोटी छोटी गलतियाँ भी महंगी होती है| सातत्य का अपना महत्त्व होता है| अगर 'यहाँ' आलस करूँगा, तो 'वहाँ' कीमत चुकानी होगी. . . खैर| औरंगाबाद में एक साईकिल मॉल में गया| यहाँ काफी एक्सेसरीज थी| लेकिन उतनी ही महंगी| साईकिलिंग के सम्बन्ध में आजकल कुछ लोग बहुत पैसे खर्च भी करते हैं| पचास हजार की साईकिल और तीन- चार हजार की एक्सेसरीज आम बात है. .


Monday, March 28, 2016
दोस्ती साईकिल से २४: अप्रैल की गरमी में १४८ किलोमीटर
दोस्ती साईकिल से १: पहला अर्धशतक
दोस्ती साईकिल से २: पहला शतक
दोस्ती साईकिल से ३: नदी के साथ साईकिल सफर
दोस्ती साईकिल से ४: दूरियाँ नज़दिकीयाँ बन गईं. . .
दोस्ती साईकिल से ५: सिंहगढ़ राउंड १. . .
दोस्ती साईकिल से ६: ऊँचे नीचे रास्ते और मन्ज़िल तेरी दूर. . .
दोस्ती साईकिल से ७: शहर में साईकिलिंग. . .
दोस्ती साईकिल से ८: सिंहगढ़ राउंड २!
दोस्ती साईकिल से ९: दूसरा शतक. . .
दोस्ती साईकिल से १०: एक चमत्कारिक राईड- नर्वस नाइंटी!
दोस्ती साईकिल से ११: नई सड़कों पर साईकिल यात्रा!
दोस्ती साईकिल से १२: तिसरा शतक- जीएमआरटी राईड
दोस्ती साईकिल से १३: ग्रामीण सड़कों पर साईकिल राईड
दोस्ती साईकिल से: १४ "नई साईकिल" से नई शुरुआत
दोस्ती साईकिल से: १५: औंढा नागनाथ के साथ चौथा शतक
दोस्ती साईकिल से: १६: पाँचवा शतक- लोअर दुधना डैम
दोस्ती साईकिल से: १७: एक ड्रीम माउंटेन राईड- साक्री से नन्दुरबार
दोस्ती साईकिल से: १८: तोरणमाळ हिल स्टेशन पर साईकिल ट्रेक!
दोस्ती साईकिल से: १९: हौसला बढ़ानेवाली राईडस!
दोस्ती साईकिल से: २०: इंज्युरी के बाद की राईडस
दोस्ती साईकिल से: २१: चढाई पर साईकिल चलाने का आनन्द
दोस्ती साईकिल से: २२: सिंहगढ़ राउंड ३ सिंहगढ़ पर फतह!
दोस्ती साईकिल से: २३: नई हैं मन्जिलें. . नए है रास्ते नया नया सफर है तेरे वास्ते. . .
अप्रैल की गरमी में १४८ किलोमीटर
मार्च में अच्छी साईकिलिंग हुई| अब लदाख़ यात्रा का ट्रेन का बूकिंग भी कर लिया है| अभी भी दो महिने है तैयारी के लिए| राईडस जारी रही| एक बड़ी राईड के उद्देश्य से ११ एप्रिल २०१५ को सुबह निकला| आज २०० किलोमीटर करने का लक्ष्य है| परभणी से जिंतूर- जालना- औरंगाबाद ऐसे जाऊँगा|साईकिल चलाते समय भी एक ही ख्याल मन में है- तैयारी कैसे आगे बढ़ायी जाए? लदाख़ यात्रा की तैयारी के कई पहलू है| पहली बात साईकिलिंग का अभ्यास और फिटनेस- स्टैमिना| उसके लिए भी कई बाते हैं जैसे साईकिलिंग के साथ जंपिंग, पूरक योगा, प्राणायाम और स्ट्रेचिंग| मै साईकिलिंग और योगा तो रेग्युलर कर रहा हूँ, लेकिन स्ट्रेचिंग और वार्म अप जैसे एक्सरसाईज अभी किए नही हैं| और कुछ चीजें अनुभव से पता चली वो करता हूँ- जैसे शाम को राईड होने के बाद पैर दीवार पर रख कर लेटना, पैरों को साईकिलिंग के विपरित मूवमेंट होने के लिए पादसंचालनासन जैसे कुछ योगासन और मुख्य रूप से प्राणायाम अर्थात् साँस का अभ्यास| लेकिन इस दिशा में अभी बहुत कुछ किया जा सकता है| दूसरी बात साईकिल का रिपेअरिंग सीखना| वहाँ भी अभी बहुत कुछ करना है| हालाकि मन में जो बात सबसे कठिन लगती थी, वह चढ़ाई पर साईकिलिंग है और उसमें मै एक स्तर तक पहूँच गया हूँ| खैर|


Thursday, March 24, 2016
दोस्ती साईकिल से २३: नई हैं मन्जिलें नए हैं रास्ते. . नया नया सफर है तेरे वास्ते. .
दोस्ती साईकिल से १: पहला अर्धशतक
दोस्ती साईकिल से २: पहला शतक
दोस्ती साईकिल से ३: नदी के साथ साईकिल सफर
दोस्ती साईकिल से ४: दूरियाँ नज़दिकीयाँ बन गईं. . .
दोस्ती साईकिल से ५: सिंहगढ़ राउंड १. . .
दोस्ती साईकिल से ६: ऊँचे नीचे रास्ते और मन्ज़िल तेरी दूर. . .
दोस्ती साईकिल से ७: शहर में साईकिलिंग. . .
दोस्ती साईकिल से ८: सिंहगढ़ राउंड २!
दोस्ती साईकिल से ९: दूसरा शतक. . .
दोस्ती साईकिल से १०: एक चमत्कारिक राईड- नर्वस नाइंटी!
दोस्ती साईकिल से ११: नई सड़कों पर साईकिल यात्रा!
दोस्ती साईकिल से १२: तिसरा शतक- जीएमआरटी राईड
दोस्ती साईकिल से १३: ग्रामीण सड़कों पर साईकिल राईड
दोस्ती साईकिल से: १४ "नई साईकिल" से नई शुरुआत
दोस्ती साईकिल से: १५: औंढा नागनाथ के साथ चौथा शतक
दोस्ती साईकिल से: १६: पाँचवा शतक- लोअर दुधना डैम
दोस्ती साईकिल से: १७: एक ड्रीम माउंटेन राईड- साक्री से नन्दुरबार
दोस्ती साईकिल से: १८: तोरणमाळ हिल स्टेशन पर साईकिल ट्रेक!
दोस्ती साईकिल से: १९: हौसला बढ़ानेवाली राईडस!
दोस्ती साईकिल से: २०: इंज्युरी के बाद की राईडस
दोस्ती साईकिल से: २१: चढाई पर साईकिल चलाने का आनन्द
दोस्ती साईकिल से: २२: सिंहगढ़ राउंड ३ सिंहगढ़ पर फतह!
नई हैं मन्जिलें नए हैं रास्ते. . नया नया सफर है तेरे वास्ते. .
१६ मार्च २०१५ को सिंहगढ़ सवा घण्टे में करने के बाद हौसला बहुत बढ़ा| साईकिल पर लदाख़ यात्रा सम्भव लगने लगी| विश्वास आ गया| अब इस दिशा में आगे बढ़ना है| मेरे साईकिल गुरू नीरज जाट उसके लिए मार्गदर्शन दे रहे हैं| वे बता रहे हैं कि अब साईकिल का स्टैमिना बढ़ाने के साथ साथ साईकिल का रिपेअरिंग भी सीखना चाहिए| पंक्चर, गेअर सेटिंग, ब्रेक सेटिंग आदि आना चाहिए| यह भी तैयारी का उतना ही महत्त्वपूर्ण पहलू है|
अगले दिनों में साईकिलिंग चालू रहा| परभणी के आसपास की सड़कों पर कई अर्धशतक हो गए| परभणी के एक साईकिल मैकेनिक से सहायता ले कर रिपेअरिंग भी सीखना चालू किया| साईकिल के दोनो टायर्स कैसे अलग करते हैं, यह समझ लिया| दोनो टायर्स और सीट अलग करने पर साईकिल बिल्कुल अलग दिखाई देती है| इससे बस पर उसे ले जाने में भी सहायता होगी| अब साईकिल का मड गार्ड हटा दिया है| ट्रक पर जैसे लाल इंडीकेटर लगा होता हैं, वैसा ही इंडिकेटर साईकिल पर भी लगाया है जिससे रात में भी साईकिल दूर से दिख जाए| हालाकि अब रिपेअरिंग भी पूरी सीखनी है|


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