Showing posts with label Himalayan dog. Show all posts
Showing posts with label Himalayan dog. Show all posts

Friday, May 3, 2024

हिमालय से शुरू हुई मेरी यात्रा. . .


मेरा जन्म हुआ हिमालय के पहाड़ों में| उत्तराखण्ड के पिथौरागढ़ जिले में सद्गड़ नाम के रमणीय गाँव के पास| हिमालय के बीचोबीच! सब तरफ पहाड़, पेड़, पशु- पक्षी ऐसे माहौल में मेरा जन्म हुआ| बहुत ठण्डा मौसम था वह| मै और मेरे भाई- बहन पहाड़ में खेलते थे| बहुत आल्हादपूर्ण परिसर और घनी शान्ति थी वहाँ पर| सब तरफ हरियाली, मिट्टी, खेत और ठण्ड| हम जहाँ रहते थे, वहाँ भेड़- बकरियाँ साथ होती थी| मेरे दिन बड़े ख़ुशहाल थे| आस- पास के पर्वत और पेड़ मै पहचानने लग गया था| मेरी माँ और भाई- बहनों के साथ खुशी से रह रहा था| मुझे कोई भी चिन्ता नही थी| लेकीन एक दिन अचानक...

अचानक एक दादा मुझे मिला| मेरे साथ बहुत खेला| हमने बहुत मस्ती की| उसे मै इतना अच्छा लगा कि उसने मेरा फोटो भी खींचा| मै बहुत ख़ुश था| आगे क्या होनेवाला है, इसका मुझे अन्दाज़ा ही नही था| दो- तीन दिनों के बाद वह दादा फिर आया| उसके साथ और एक छोटा दादा भी था| और एक कुछ डरावने से लगनेवाले चाचा भी आए| उन्होने मुझे उठा लिया! क्या हो रहा है मै समझ ही नही सका| मेरी ताकत उनके सामने न के बराबर थी| वे मुझे कहाँ ले जा रहे थे पता ही नही चला| देखते देखते उन्होने मुझे मेरे माँ और भाई- बहनों से दूर किया| एक छोटी बास्केट में मुझे बिठाया और एक पूरा दिन जोर से आवाज करनेवाली गाड़ी में से ले गए| मै बहुत रोया| अक्सर चिल्लाता रहा| बड़ी यात्रा थी वह| मै एक अज़ीब सी जगह पर पहुँचा जहा अविरत बड़ा शोर और लोगों की भीड़ थी| फिर मुझे एक बड़ी ही लम्बी गाड़ी में वे ले गए| मुझे बहुत ज्यादा तकलीफ हो रही थी| अब तो मुझे गर्मी भी लग रही थी| यह पूरी यात्रा मैने रोते हुए और चीखते हुए की... मुझे मेरी माँ और भाई- बहन याद आ रहे थे|