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Friday, April 29, 2016

दोस्ती साईकिल से २९: नई साईकिल यात्रा की तैयारी की राईडस


दोस्ती साईकिल से १: पहला अर्धशतक
दोस्ती साईकिल से २: पहला शतक
दोस्ती साईकिल से ३: नदी के साथ साईकिल सफर
दोस्ती साईकिल से ४: दूरियाँ नज़दिकीयाँ बन गईं. . . 
दोस्ती साईकिल से ५: सिंहगढ़ राउंड १. . . 
दोस्ती साईकिल से ६: ऊँचे नीचे रास्ते और मन्ज़िल तेरी दूर. . . 
दोस्ती साईकिल से ७: शहर में साईकिलिंग. . . 
दोस्ती साईकिल से ८: सिंहगढ़ राउंड २! 
दोस्ती साईकिल से ९: दूसरा शतक. . . 
दोस्ती साईकिल से १०: एक चमत्कारिक राईड- नर्वस नाइंटी!  
दोस्ती साईकिल से ११: नई सड़कों पर साईकिल यात्रा!  
दोस्ती साईकिल से १२: तिसरा शतक- जीएमआरटी राईड 
दोस्ती साईकिल से १३: ग्रामीण सड़कों पर साईकिल राईड
दोस्ती साईकिल से: १४ "नई साईकिल" से नई शुरुआत
दोस्ती साईकिल से: १५: औंढा नागनाथ के साथ चौथा शतक
दोस्ती साईकिल से: १६: पाँचवा शतक- लोअर दुधना डैम
दोस्ती साईकिल से: १७: एक ड्रीम माउंटेन राईड- साक्री से नन्दुरबार
दोस्ती साईकिल से: १८: तोरणमाळ हिल स्टेशन पर साईकिल ट्रेक!
दोस्ती साईकिल से: १९: हौसला बढ़ानेवाली राईडस!
दोस्ती साईकिल से: २०: इंज्युरी के बाद की राईडस
दोस्ती साईकिल से: २१: चढाई पर साईकिल चलाने का आनन्द
दोस्ती साईकिल से: २२: सिंहगढ़ राउंड ३ सिंहगढ़ पर फतह!
दोस्ती साईकिल से: २३: नई हैं मन्जिलें. . नए है रास्ते नया नया सफर है तेरे वास्ते. . .
दोस्ती साईकिल से: २४: अप्रैल की गरमी में १४८ किलोमीटर
दोस्ती साईकिल से: २५: आँठवा शतक
दोस्ती साईकिल से: २६: २०१५ की लदाख़ साईकिल यात्रा की तैयारी
दोस्ती साईकिल से २७: २०१५ की लदाख़ साईकिल यात्रा पर दृष्टिक्षेप. . .
दोस्ती साईकिल से २८: फिर नई शुरुआत


नई साईकिल यात्रा की तैयारी की राईडस

अक्तूबर के अन्त में नियमित साईकिल चलाता रहा| बड़ी राईड की जल्दबाजी नही की| छोटी छोटी राईडस एंजॉय करता रहा| जब दो हप्तों तक नियमित रूप से साईकिल चलाता गया, तब काफी हद तक शरीर लय में आता गया| कुछ ही दिनों बाद बड़ी राईडस शुरू की| इस बार जेहन में जो योजना चल रही है, वह लगातार ८- १० दिनों तक साईकिल चलाने की है| इसलिए एक दिन का स्टैमिना काम नही आएगा| कई दिनों तक बड़ी राईडस करने का अभ्यास करना होगा| १ नवंबर को काफी अन्तराल के बाद पहला अर्धशतक किया| साईकिल पर अर्धशतक करने के बाद मिलनेवाला पुराना आनन्द! पुणे नाशिक हायवे से कुछ दूरी पर स्थित एक डैम के पास यह राईड की| वैसे इच्छा तो शतक करने की थी, लेकिन शरीर का सुन कर योजना बदल दी| गति भी अपेक्षा से कम रही| लेकिन बड़ा मज़ा आया|







Tuesday, April 26, 2016

दोस्ती साईकिल से २८: फिर नई शुरुआत


दोस्ती साईकिल से १: पहला अर्धशतक
दोस्ती साईकिल से २: पहला शतक
दोस्ती साईकिल से ३: नदी के साथ साईकिल सफर
दोस्ती साईकिल से ४: दूरियाँ नज़दिकीयाँ बन गईं. . . 
दोस्ती साईकिल से ५: सिंहगढ़ राउंड १. . . 
दोस्ती साईकिल से ६: ऊँचे नीचे रास्ते और मन्ज़िल तेरी दूर. . . 
दोस्ती साईकिल से ७: शहर में साईकिलिंग. . . 
दोस्ती साईकिल से ८: सिंहगढ़ राउंड २! 
दोस्ती साईकिल से ९: दूसरा शतक. . . 
दोस्ती साईकिल से १०: एक चमत्कारिक राईड- नर्वस नाइंटी!  
दोस्ती साईकिल से ११: नई सड़कों पर साईकिल यात्रा!  
दोस्ती साईकिल से १२: तिसरा शतक- जीएमआरटी राईड 
दोस्ती साईकिल से १३: ग्रामीण सड़कों पर साईकिल राईड
दोस्ती साईकिल से: १४ "नई साईकिल" से नई शुरुआत
दोस्ती साईकिल से: १५: औंढा नागनाथ के साथ चौथा शतक
दोस्ती साईकिल से: १६: पाँचवा शतक- लोअर दुधना डैम
दोस्ती साईकिल से: १७: एक ड्रीम माउंटेन राईड- साक्री से नन्दुरबार
दोस्ती साईकिल से: १८: तोरणमाळ हिल स्टेशन पर साईकिल ट्रेक!
दोस्ती साईकिल से: १९: हौसला बढ़ानेवाली राईडस!
दोस्ती साईकिल से: २०: इंज्युरी के बाद की राईडस
दोस्ती साईकिल से: २१: चढाई पर साईकिल चलाने का आनन्द
दोस्ती साईकिल से: २२: सिंहगढ़ राउंड ३ सिंहगढ़ पर फतह!
दोस्ती साईकिल से: २३: नई हैं मन्जिलें. . नए है रास्ते नया नया सफर है तेरे वास्ते. . .
दोस्ती साईकिल से: २४: अप्रैल की गरमी में १४८ किलोमीटर
दोस्ती साईकिल से: २५: आँठवा शतक
दोस्ती साईकिल से: २६: २०१५ की लदाख़ साईकिल यात्रा की तैयारी
दोस्ती साईकिल से २७: २०१५ की लदाख़ साईकिल यात्रा पर दृष्टिक्षेप. . .

फिर नई शुरुआत

जून २०१५ में लदाख़ में साईकिल चलाने के बाद बड़ा अन्तराल आया| इस यात्रा के बाद हौसला बहुत बढ़ गया था, लेकिन फिर भी तुरन्त बड़ी राईड नही चला पाया| उसके कुछ ही दिन बाद टायफाईड होने के कारण साईकिल रोकनी पड़ी| मन में तो बहुत इच्छा थी, लेकिन बीमारी के कारण साईकिल से दूर रहना पड़ा| टायफाईड से सेहत ठीक होने में करीब दो महिने लगे| इस कारण जून के बाद सितम्बर तक बहुत ही कम साईकिल चलायी| सितम्बर में भी जो राईडस किए, वहाँ पर लगा कि शरीर बहुत जल्द थक रहा है| इसलिए फिर कुछ दिन साईकिल नही चलायी| आखिर कर अक्तूबर में साईकिल चलाना दोबारा शुरू किया| तब अहसास हुआ कि इन तीन- चार महिने के अन्तराल ने मेरी सभी तैयारी को परास्त किया है| अब फिर से स्टैमिना बढ़ाना होगा| फिर से लय प्राप्त करनी है|