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Thursday, May 5, 2016

दोस्ती साईकिल से ३१: श्रीवर्धन में क्या हुआ. . .


दोस्ती साईकिल से १: पहला अर्धशतक
दोस्ती साईकिल से २: पहला शतक
दोस्ती साईकिल से ३: नदी के साथ साईकिल सफर
दोस्ती साईकिल से ४: दूरियाँ नज़दिकीयाँ बन गईं. . . 
दोस्ती साईकिल से ५: सिंहगढ़ राउंड १. . . 
दोस्ती साईकिल से ६: ऊँचे नीचे रास्ते और मन्ज़िल तेरी दूर. . . 
दोस्ती साईकिल से ७: शहर में साईकिलिंग. . . 
दोस्ती साईकिल से ८: सिंहगढ़ राउंड २! 
दोस्ती साईकिल से ९: दूसरा शतक. . . 
दोस्ती साईकिल से १०: एक चमत्कारिक राईड- नर्वस नाइंटी!  
दोस्ती साईकिल से ११: नई सड़कों पर साईकिल यात्रा!  
दोस्ती साईकिल से १२: तिसरा शतक- जीएमआरटी राईड 
दोस्ती साईकिल से १३: ग्रामीण सड़कों पर साईकिल राईड
दोस्ती साईकिल से: १४ "नई साईकिल" से नई शुरुआत
दोस्ती साईकिल से: १५: औंढा नागनाथ के साथ चौथा शतक
दोस्ती साईकिल से: १६: पाँचवा शतक- लोअर दुधना डैम
दोस्ती साईकिल से: १७: एक ड्रीम माउंटेन राईड- साक्री से नन्दुरबार
दोस्ती साईकिल से: १८: तोरणमाळ हिल स्टेशन पर साईकिल ट्रेक!
दोस्ती साईकिल से: १९: हौसला बढ़ानेवाली राईडस!
दोस्ती साईकिल से: २०: इंज्युरी के बाद की राईडस
दोस्ती साईकिल से: २१: चढाई पर साईकिल चलाने का आनन्द
दोस्ती साईकिल से: २२: सिंहगढ़ राउंड ३ सिंहगढ़ पर फतह!
दोस्ती साईकिल से: २३: नई हैं मन्जिलें. . नए है रास्ते नया नया सफर है तेरे वास्ते. . .
दोस्ती साईकिल से: २४: अप्रैल की गरमी में १४८ किलोमीटर
दोस्ती साईकिल से: २५: आँठवा शतक
दोस्ती साईकिल से: २६: २०१५ की लदाख़ साईकिल यात्रा की तैयारी
दोस्ती साईकिल से २७: २०१५ की लदाख़ साईकिल यात्रा पर दृष्टिक्षेप. . .
दोस्ती साईकिल से २८: फिर नई शुरुआत
दोस्ती साईकिल से २९: नई साईकिल यात्रा की तैयारी की राईडस
दोस्ती साईकिल से ३०: चाकण- माणगाँव


श्रीवर्धन में क्या हुआ. . .

६ दिसम्बर २०१५ की देर रात माणगाँव के लॉज में नीन्द नही लगी| दिन भर पसीना बहने के कारण और शायद शरीर से शक्कर कम होने के कारण देर रात तक पेशाब के लिए बार बार जाना पड़ा| उसी कारण से नीन्द भी नही आयी| आखिर कर देर रात डेढ बजे कुछ सुकून मिला और नीन्द ने अपनी शरण में लिया| लेकिन फिर भी अधिक नीन्द नही हुई| डेडलाईन का काम करना था, इसलिए सुबह साढ़ेचार बजे उठ कर तैयार हुआ| लैपटॉप पर ढाई घण्टे तक काम किया| उसके बाद व्यायाम भी किया| आज समन्दर के तट पर पहुँचना है- श्रीवर्धन और फिर उसके बाद कोंकण में दक्षिण की तरफ बढ़ना है| आज कमसे कम १२० किलोमीटर का लक्ष्य है| सुबह निकलते समय इसके बारे में बिल्कुल भी शंका नही है|







Monday, May 2, 2016

दोस्ती साईकिल से ३०: चाकण- माणगाँव


दोस्ती साईकिल से १: पहला अर्धशतक
दोस्ती साईकिल से २: पहला शतक
दोस्ती साईकिल से ३: नदी के साथ साईकिल सफर
दोस्ती साईकिल से ४: दूरियाँ नज़दिकीयाँ बन गईं. . . 
दोस्ती साईकिल से ५: सिंहगढ़ राउंड १. . . 
दोस्ती साईकिल से ६: ऊँचे नीचे रास्ते और मन्ज़िल तेरी दूर. . . 
दोस्ती साईकिल से ७: शहर में साईकिलिंग. . . 
दोस्ती साईकिल से ८: सिंहगढ़ राउंड २! 
दोस्ती साईकिल से ९: दूसरा शतक. . . 
दोस्ती साईकिल से १०: एक चमत्कारिक राईड- नर्वस नाइंटी!  
दोस्ती साईकिल से ११: नई सड़कों पर साईकिल यात्रा!  
दोस्ती साईकिल से १२: तिसरा शतक- जीएमआरटी राईड 
दोस्ती साईकिल से १३: ग्रामीण सड़कों पर साईकिल राईड
दोस्ती साईकिल से: १४ "नई साईकिल" से नई शुरुआत
दोस्ती साईकिल से: १५: औंढा नागनाथ के साथ चौथा शतक
दोस्ती साईकिल से: १६: पाँचवा शतक- लोअर दुधना डैम
दोस्ती साईकिल से: १७: एक ड्रीम माउंटेन राईड- साक्री से नन्दुरबार
दोस्ती साईकिल से: १८: तोरणमाळ हिल स्टेशन पर साईकिल ट्रेक!
दोस्ती साईकिल से: १९: हौसला बढ़ानेवाली राईडस!
दोस्ती साईकिल से: २०: इंज्युरी के बाद की राईडस
दोस्ती साईकिल से: २१: चढाई पर साईकिल चलाने का आनन्द
दोस्ती साईकिल से: २२: सिंहगढ़ राउंड ३ सिंहगढ़ पर फतह!
दोस्ती साईकिल से: २३: नई हैं मन्जिलें. . नए है रास्ते नया नया सफर है तेरे वास्ते. . .
दोस्ती साईकिल से: २४: अप्रैल की गरमी में १४८ किलोमीटर
दोस्ती साईकिल से: २५: आँठवा शतक
दोस्ती साईकिल से: २६: २०१५ की लदाख़ साईकिल यात्रा की तैयारी
दोस्ती साईकिल से २७: २०१५ की लदाख़ साईकिल यात्रा पर दृष्टिक्षेप. . .
दोस्ती साईकिल से २८: फिर नई शुरुआत
दोस्ती साईकिल से २९: नई साईकिल यात्रा की तैयारी की राईडस

दोस्ती साईकिल से ३०: चाकण- माणगाँव

६ दिसम्बर की सुबह छह बजे चाकण से निकला| एक बड़ी साईकिल यात्रा तो करनी है ही| साथ में लैपटॉप ले कर काम भी करते रहना है| सुबह ५ बजे से दोपहर २ बजे तक साईकिल चलाऊँगा और दोपहर कुछ देर विश्राम करने के बाद लॉज में रूक कर लैपटॉप पर मेरा काम भी करता रहूँगा, ऐसा सोचा है| लेकिन हम जो सोचते हैं, वह होता नही है! सुबह ६ बजे साईकिल ले कर निकला ज़रूर, लेकिन रात अच्छी नीन्द बिल्कुल नही हुई| बड़ी राईड के लिए निकलने के पहले अक्सर रात की नीन्द बाधित होती है| यह भी नौसिखिए का निशान है| जो व्यक्ति ऐसी राईडस के लिए या एक्सपिशन के लिए अभ्यस्त हुआ होगा, उसे भला रात में चैन से नीन्द क्यो नही आएगी? खैर| आज १२५ किलोमीटर का उद्देश्य है| पुणे जिले के चाकण से कोंकण में माणगाँव तक जाऊँगा| पीछले साल भी इसी रोड़ पर गया था, लेकिन बड़ी मुश्किल से अस्सी किलोमीटर साईकिल चला पाया था| अब देखना है आज क्या होता है| वाकई यह मेरे साईकिलिंग का बहुत बड़ा दिन है|










Friday, April 29, 2016

दोस्ती साईकिल से २९: नई साईकिल यात्रा की तैयारी की राईडस


दोस्ती साईकिल से १: पहला अर्धशतक
दोस्ती साईकिल से २: पहला शतक
दोस्ती साईकिल से ३: नदी के साथ साईकिल सफर
दोस्ती साईकिल से ४: दूरियाँ नज़दिकीयाँ बन गईं. . . 
दोस्ती साईकिल से ५: सिंहगढ़ राउंड १. . . 
दोस्ती साईकिल से ६: ऊँचे नीचे रास्ते और मन्ज़िल तेरी दूर. . . 
दोस्ती साईकिल से ७: शहर में साईकिलिंग. . . 
दोस्ती साईकिल से ८: सिंहगढ़ राउंड २! 
दोस्ती साईकिल से ९: दूसरा शतक. . . 
दोस्ती साईकिल से १०: एक चमत्कारिक राईड- नर्वस नाइंटी!  
दोस्ती साईकिल से ११: नई सड़कों पर साईकिल यात्रा!  
दोस्ती साईकिल से १२: तिसरा शतक- जीएमआरटी राईड 
दोस्ती साईकिल से १३: ग्रामीण सड़कों पर साईकिल राईड
दोस्ती साईकिल से: १४ "नई साईकिल" से नई शुरुआत
दोस्ती साईकिल से: १५: औंढा नागनाथ के साथ चौथा शतक
दोस्ती साईकिल से: १६: पाँचवा शतक- लोअर दुधना डैम
दोस्ती साईकिल से: १७: एक ड्रीम माउंटेन राईड- साक्री से नन्दुरबार
दोस्ती साईकिल से: १८: तोरणमाळ हिल स्टेशन पर साईकिल ट्रेक!
दोस्ती साईकिल से: १९: हौसला बढ़ानेवाली राईडस!
दोस्ती साईकिल से: २०: इंज्युरी के बाद की राईडस
दोस्ती साईकिल से: २१: चढाई पर साईकिल चलाने का आनन्द
दोस्ती साईकिल से: २२: सिंहगढ़ राउंड ३ सिंहगढ़ पर फतह!
दोस्ती साईकिल से: २३: नई हैं मन्जिलें. . नए है रास्ते नया नया सफर है तेरे वास्ते. . .
दोस्ती साईकिल से: २४: अप्रैल की गरमी में १४८ किलोमीटर
दोस्ती साईकिल से: २५: आँठवा शतक
दोस्ती साईकिल से: २६: २०१५ की लदाख़ साईकिल यात्रा की तैयारी
दोस्ती साईकिल से २७: २०१५ की लदाख़ साईकिल यात्रा पर दृष्टिक्षेप. . .
दोस्ती साईकिल से २८: फिर नई शुरुआत


नई साईकिल यात्रा की तैयारी की राईडस

अक्तूबर के अन्त में नियमित साईकिल चलाता रहा| बड़ी राईड की जल्दबाजी नही की| छोटी छोटी राईडस एंजॉय करता रहा| जब दो हप्तों तक नियमित रूप से साईकिल चलाता गया, तब काफी हद तक शरीर लय में आता गया| कुछ ही दिनों बाद बड़ी राईडस शुरू की| इस बार जेहन में जो योजना चल रही है, वह लगातार ८- १० दिनों तक साईकिल चलाने की है| इसलिए एक दिन का स्टैमिना काम नही आएगा| कई दिनों तक बड़ी राईडस करने का अभ्यास करना होगा| १ नवंबर को काफी अन्तराल के बाद पहला अर्धशतक किया| साईकिल पर अर्धशतक करने के बाद मिलनेवाला पुराना आनन्द! पुणे नाशिक हायवे से कुछ दूरी पर स्थित एक डैम के पास यह राईड की| वैसे इच्छा तो शतक करने की थी, लेकिन शरीर का सुन कर योजना बदल दी| गति भी अपेक्षा से कम रही| लेकिन बड़ा मज़ा आया|







Tuesday, April 26, 2016

दोस्ती साईकिल से २८: फिर नई शुरुआत


दोस्ती साईकिल से १: पहला अर्धशतक
दोस्ती साईकिल से २: पहला शतक
दोस्ती साईकिल से ३: नदी के साथ साईकिल सफर
दोस्ती साईकिल से ४: दूरियाँ नज़दिकीयाँ बन गईं. . . 
दोस्ती साईकिल से ५: सिंहगढ़ राउंड १. . . 
दोस्ती साईकिल से ६: ऊँचे नीचे रास्ते और मन्ज़िल तेरी दूर. . . 
दोस्ती साईकिल से ७: शहर में साईकिलिंग. . . 
दोस्ती साईकिल से ८: सिंहगढ़ राउंड २! 
दोस्ती साईकिल से ९: दूसरा शतक. . . 
दोस्ती साईकिल से १०: एक चमत्कारिक राईड- नर्वस नाइंटी!  
दोस्ती साईकिल से ११: नई सड़कों पर साईकिल यात्रा!  
दोस्ती साईकिल से १२: तिसरा शतक- जीएमआरटी राईड 
दोस्ती साईकिल से १३: ग्रामीण सड़कों पर साईकिल राईड
दोस्ती साईकिल से: १४ "नई साईकिल" से नई शुरुआत
दोस्ती साईकिल से: १५: औंढा नागनाथ के साथ चौथा शतक
दोस्ती साईकिल से: १६: पाँचवा शतक- लोअर दुधना डैम
दोस्ती साईकिल से: १७: एक ड्रीम माउंटेन राईड- साक्री से नन्दुरबार
दोस्ती साईकिल से: १८: तोरणमाळ हिल स्टेशन पर साईकिल ट्रेक!
दोस्ती साईकिल से: १९: हौसला बढ़ानेवाली राईडस!
दोस्ती साईकिल से: २०: इंज्युरी के बाद की राईडस
दोस्ती साईकिल से: २१: चढाई पर साईकिल चलाने का आनन्द
दोस्ती साईकिल से: २२: सिंहगढ़ राउंड ३ सिंहगढ़ पर फतह!
दोस्ती साईकिल से: २३: नई हैं मन्जिलें. . नए है रास्ते नया नया सफर है तेरे वास्ते. . .
दोस्ती साईकिल से: २४: अप्रैल की गरमी में १४८ किलोमीटर
दोस्ती साईकिल से: २५: आँठवा शतक
दोस्ती साईकिल से: २६: २०१५ की लदाख़ साईकिल यात्रा की तैयारी
दोस्ती साईकिल से २७: २०१५ की लदाख़ साईकिल यात्रा पर दृष्टिक्षेप. . .

फिर नई शुरुआत

जून २०१५ में लदाख़ में साईकिल चलाने के बाद बड़ा अन्तराल आया| इस यात्रा के बाद हौसला बहुत बढ़ गया था, लेकिन फिर भी तुरन्त बड़ी राईड नही चला पाया| उसके कुछ ही दिन बाद टायफाईड होने के कारण साईकिल रोकनी पड़ी| मन में तो बहुत इच्छा थी, लेकिन बीमारी के कारण साईकिल से दूर रहना पड़ा| टायफाईड से सेहत ठीक होने में करीब दो महिने लगे| इस कारण जून के बाद सितम्बर तक बहुत ही कम साईकिल चलायी| सितम्बर में भी जो राईडस किए, वहाँ पर लगा कि शरीर बहुत जल्द थक रहा है| इसलिए फिर कुछ दिन साईकिल नही चलायी| आखिर कर अक्तूबर में साईकिल चलाना दोबारा शुरू किया| तब अहसास हुआ कि इन तीन- चार महिने के अन्तराल ने मेरी सभी तैयारी को परास्त किया है| अब फिर से स्टैमिना बढ़ाना होगा| फिर से लय प्राप्त करनी है|